हाई बिपी को कंट्रोल करने के घरेलू उपाय –

आज के समय में ब्लड प्रेशर एक गंभीर समस्या बन गई है, ये सब हमारे खाने पीने, नींद की कमी, काम का तनाव जैसे बहुत से कारणों से होता है, हम कही बाहर घूमने जाते है फॅमिली के साथ तो बाहर का जंक फूड ऑइली खाना खाते है, इन्ही कारणों से हमारा पूरा लाइफ स्टाइल खराब हो जाता है। इससे हमें हार्ट अटेक जैसे गंभीर रोगों का सामना करना पड़ता है, लेकिन हम इनको कुछ घरेलू उपायों से नियत्रित कर सकते है।

हमारे खान पान में नमक का कम use करे- रोजाना एक चमच से कम नमक का सेवन करे, और नमक हमेंशा अच्छी क्वालिटी का हि खाए। पैकेट वाले और प्रोसेस्ड फूड कम खाये इसमें नमक चीनी ज्यादा मात्रा में होता है, इसलिए इससे ज्यादा fat होता है और फाईबर, विटामिन ओर मिनिरल कम होता है।

रोज सुबह उठतेही बिना ब्रश किए गुनगुना पानी पिए, रोज सुबह – सुबह खाली पेट नॉर्मल गुनगुना पानी पीना चाहिए इससे हमारा रक्त संचार ठीक रहता है।  

लहसुन का सेवन करे –

लहसुन हाई ब्लड प्रेशर के लिए बहुत ही लाभदायक माना जाता है। कैसे उपयोग करें – सुबह – सुबह खाली पेट 2-3 कच्ची कली खाना चाहिए, आप इसे डेली हैबिट्स में शामिल कर सकते है।

आवला का जूस पिये – आवला में पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, इसमें विटामिन सी फाइबर और खनिजों से भरपूर होता है, जो की आपका पाचन सुधारता है, इम्यूनिटी बढ़ाता है और बालों और त्वचा को स्वस्थ रखता है, कोलेस्ट्रॉल डायबिटीज को control करता है, शरीर को डिटॉक्स करने की कोशिश करता है और आंखों की रोशनी भी बढ़ाता है।

तनाव कम करे –

ज्यादा तनाव में आने से ब्लड प्रेशर बढ़ने की संभावना ज्यादा होती है, इसलीये हमें रोज 20-25 मिनट्स मेडिटेशन करना चाहिए, रोज व्यायाम करे, हरी सब्जिया खाए, पर्याप्त मात्रा में नींद ले, कितबे पढे, इलेक्ट्रिक उपकरणों से दूर रहे,म्यूजिक सुने, जिन चीजों से हमें खुशी मिले वो काम करे।

गहरी सास लेने से बहुत हद तक तनाव कम हो जाता है बहुत रीलैक्स फ़ील होता है एकाग्रता बढ़ती है पाचन स्ट्रॉंग होता है रक्त प्रवाह ठीक राहता है शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकलता है।

केला हाई बिपी के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है – केला एक ऐसा फल है जो मतलब जिनको bp की problem वाले लोगों के लिए संजीवनी बूटी का काम करता है, क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में पोटेशियम होता है, जो की शरीर के सोडियम को बाहर निकालता है, रोजाना केला खाने से सोडियम की मात्रा को कम करता है, जिससे bp को स्वस्थ और समृद्ध रखता है, किसी भी स्थिति में हमें एक बार डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

हाई बीपी में क्या करे?

हमें ज्यादा तला भुना खाना नहीं खाना है, ना ही धूम्र पान करे और ना ही शराब पिए, बहुत ज्यादा चाय कॉफी का सेवन ना करे देर रात तक ना जगे।

क्या बदलाव करे – डेली हमें नमक का कम उपयोग करना है, 5 ग्राम मतलब एक चमच से कम ही खाए और बाहर के जो प्रोसेस्ड फूड होते है उनको खाने से बचे।

रोजाना व्यायाम करे – हमें हर दिन कम से कम 30 मिनीट तेज चलो मतलब नॉर्मल स्पीड से थोड़ा ज्यादा, सायकल चलाए ये भी बेटर रहेगा, साथ ही आप प्राणायाम, शवासन, अनुलोम, विलोम और गहरी सास लेना।

अच्छा खान पान –
हमें अपने खाने पीने में ज्यादा तर फल फ्रूट का इस्तेमाल करना है जैसे पोटेशियम से भरपूर होता है तरबूज हरी सब्जिया फ्रूट्स, अनाज और लो-फैट डेयरी को अपने खान पान में शामिल करे।     

तनाव दूर करे –
डेली मेडिटेशन, ध्यान और योग करे गुस्से पर नियत्रण रखे, bp बढ़ाने का बहुत बड़ा रीज़न है गुस्सा करना इसलिए हमेंशा गुस्से को कंट्रोल करे ।

पर्याप्त नींद ले –
हमें रोज 7-8 घंटे की नींद लेनी चाहिए, दुनिया का सबसे बड़ा सुख नींद होता है, और हम नींद को छोड़ के पैसों के पीछे भागते है, और नींद को समय नहीं देते, इसलिए हमारी लाइफ स्टाइल खराब हो जाती है।

शराब और धूम्रपान ना करे –
शराब और धूम्रपान का सेवन पूरी तरह से बंद कर दे या कम करे।

नारियल का पानी पिए –
रोजाना नारियल का पानी पीना चाहिए नारियल का पानी ब्लड प्रेशर के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है।

हाई बिपी के लक्षण –

उच्च रक्तचाप होने के ये कारण हो सकते है सिरदर्द चक्कर आना, धूधला दिखाना, सास लेने में तकलीफ, थकान, नाक से खून आना, सिने में तकलीफ, ये लक्षण किसी और कारणों से भी हो सकता है, इसलिए अपने सलाहकार doctors से जरूर इसके बारे में बात करे। अगर सही समय पर इसका इलाज ना किया जाए तो ये बोहोत गंभीर समस्या निर्माण कर सकति है।

चक्कर आना –
चक्कर आना संतुलन बिगड़ना

थकान –
बिना किसी काम किए थकान महसूस होना

धूधला दिखना –
आखों में जलन आखों से साफ ना दिखाना

नाक से खून आना –
बार-बार नाक से खून आना

सिने में दर्द –
अपने डॉक्टर से तुरंत दिखाना चाहिए ये एक गंभीर लक्षण हो सकता है   

दो संख्याये होती है
सिस्टोलिक – जब आपका दिल धड़कता है तो आपकी धमनियों पर दबाव पड़ता है
डायस्टोलिक – जब आपका दिल धड़कनों के बीच आराम करता है तब धमनियों पर दबाव पड़ता है
सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg से कम होता है

हाई ब्लड प्रेशर कि स्थिति –
बढा हुवा
120-129 सिस्टोलिक और 80 से कम डायस्टोलिक
स्टेज 1 हाईपरटेंशन –
130-139 सिस्टोलिक और 80-89 डायस्टोलिक
स्टेज 2 हाईपरटेंशन –
140 या इससे अधिक सिस्टोलिक या 90 या फिर उससे अधिक डायस्टोलिक
हाइपरटेंसिव क्राइसिस
180/120 mmHg से अधिक तत्काल डॉक्टर को दिखाए

डिस्क्लेमर :- इस लेख मे दी गई जानकारी केवल शिक्षा और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी प्रकार का चिकित्सीय सलाह बीमारी के निदान या व्यक्तिगत उपचार का विकल्प न समझे, कोई भी घरेलू नुस्खे अपनाने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर ले।

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