सुबह उठते ही थकान महसूस हो रही या, लगातार कब्ज की समस्या है या फिर बिना वजह आप के शरीर के वजन में बदलाव हो रहा है? कई बार हम इन्हें काम की थकावट या बदलते मौसम से जोड़कर अनदेखा कर देते हैं। लेकिन ये थायरॉइड जैसी बीमारी के संकेत भी हो सकते हैं।
गले के सामने मौजूद यह छोटी ग्रंथि ऐसे हार्मोन बनाती है जो हमारे शरीर की ऊर्जा, तापमान और दिल के धड़कन पर असर डालते हैं। थायरॉइड के शुरुआती लक्षण समझने के साथ घरेलू देखभाल की सीमा के बारे में सही जानकारी होना जरूरी है।
सही भोजन और अच्छी दिनचर्या कुछ हद तक इन परेशानियाँ कम करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन किसी घरेलू नुस्खे से थायरॉइड रोग ठीक होने की गारंटी नही रहती है।
थायरॉइड के शुरुआती लक्षण पहचानें
सामान्यता यह 2 प्रकार का होता है:
हार्मोन कम बनने पर
थायरॉइड हार्मोन का कम बनना, जिसे मेडिकल की भाषा में हाइपोथायरायडिज्म कहते हैं। इस समस्या में लक्षण धीरे-धीरे बढ़ सकते हैं। इसके लक्षण कुछ इस प्रकार से हो सकते हैं:
पूरी नींद लेने के बाद भी थकान महसूस करना। अन्य लोगों की तुलना में सामान्य से ज्यादा ठंड लगना और वजन बढ़ना। अक्सर कब्ज होना, रूखी त्वचा या बालों का झड़ना। ध्यान लगाने में परेशानी और उदासी महसूस होना। महिलाओं में पीरियड्स का अनियमित होना या ज्यादा होना।
हार्मोन ज्यादा बनने पर
थायरॉइड अगर हार्मोन ज्यादा बनाने लगता है तो इसको हाइपरथायरॉइडिज्म कहते हैं। इसमें भूख अधिक लगने के बावजूद वजन घट सकता है। दिल तेज धड़कन, हाथ काँपना, अधिक पसीना आना, गर्मी सहन न होना, बेचैनी और नींद की परेशानी इसके संकेत हो सकते हैं।
लेकिन हर व्यक्ति में सभी लक्षण दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है। केवल लक्षण देखकर फैसला न करें कई बार बाल झड़ने या थकान की वजह खून की कमी, तनाव और दूसरी समस्याएँ भी हो सकती हैं।
ऐसे में खुद को थायरॉइड का मरीज मानकर खुद से घरेलू नुस्खे शुरू न करें। डॉक्टर लक्षणों और जरूरत के अनुसार TSH तथा फ्री T4 की जाँच लिख सकते हैं। कुछ मामलों में T3 या अन्य जाँच भी करवाई जाती हैं।
गर्भावस्था में या गर्भधारण की योजना के समय गले में कोई सूजन होने पर डॉक्टर से सलाह लेने में देर न करें। बहुत तेज धड़कन के साथ तेज बुखार, भ्रम या बेहोशी हो तब तुरंत डॉक्टर को दिखायें।
थायरॉइड में क्या खाएँ और आयोडीन कितना लें
थायरॉइड में डाइट का सही ध्यान रखना जरूरी है।
घर की संतुलित थाली चुनें
अपने रोजाना के खाने में दाल, चना, सब्जियाँ, मौसमी फल और साबुत अनाज जरूर शामिल करें। अपनी पसंद के अनुसार दूध, दही, अंडे या अन्य प्रोटीन स्रोत शामिल कर सकते है।किसी महँगे जूस या खास “थायरॉइड डाइट” की जरूरत सभी को नहीं होती है।
नमक की मात्रा बढ़ाना उपाय नहीं हमारे शरीर के लिए आयोडीन हार्मोन बनाने के लिए जरूरी होता है। सामान्य घरेलू इस्तेमाल में आयोडीनयुक्त नमक का इस्तेमाल करें। लेकिन आयोडीन के लिए नमक ज्यादा न खाएँ। डॉक्टर ने जो डाइट फॉलो करने को कहा हो तो उसका पालन करें।
समुद्री शैवाल या आयोडीन सप्लीमेंट खुद से कभी न लें। अधिक आयोडीन कुछ थायरॉइड रोगों को बिगाड़ सकता है।
कब्ज के लिए फाइबर और पानी पर ध्यान दें
थायरॉइड हार्मोन कम होने पर कब्ज की समस्या हो सकती है। कब्ज से राहत के लिए रोज के खाने में बदलाव करें जैसे :
- नाश्ते में दलिया या ओट्स जैसे विकल्प रखें।
- भोजन में दाल और सब्जियों की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाएँ।
- फल का जूस लेने के बजाय साबुत फल खाएँ।
- दिनभर पर्याप्त पानी पिएँ और शौच की इच्छा न रोकें।
- ध्यान रहे फाइबर अचानक बढ़ाने से गैस हो सकती है।
- पानी की मात्रा आपकी सेहत और मौसम पर निर्भर करेगी। ये उपाय कब्ज में सहायक हैं।
- हार्मोन की कमी का उपचार अलग किया जाता है।
हल्की शारीरिक गतिविधि और पूरी नींद की आदत
अपनी क्षमता के अनुसार चलें थायरॉइड नियंत्रित होने और डॉक्टर की सलाह पर थोड़ी देर टहलने से शुरुआत करें। थकान बढ़े तो आराम करें। अनियंत्रित थायरॉइड, खासकर तेज धड़कन वाले हाइपरथायरॉइडिज्म के मरीज अगर कठिन व्यायाम करे तो यह उनको नुकसान पहुँचा सकता है।
सोने का समय नियमित रखें। एक वयस्क इंसान को औसतन 7–9 घंटे प्रतिदिन की नींद चाहिए। रोज एक समय पर सोना-जागना और रात में स्क्रीन व कैफीन कम करना इसमें मददगार हो सकता है। हल्का योग या ध्यान आराम पाने के लिए किया जा सकता है।
घरेलू नुस्खों और सप्लीमेंट के दावे परखें
थायराइड में कुछ घरेलू उपाय फायदेमंद हो सकते है विशेष कर शुरुआत के दिनों में। ऐसे में आप धनिया पानी, नारियल तेल या किसी काढ़े को इस्तेमाल कर सकते है लेकिन इसको थायरॉइड ठीक करने का उपचार न समझे। क्योकि सामान्य भोजन में किसी चीज का इस्तेमाल और उसे रोज औषधि की तरह लेना अलग बात होती है।
अश्वगंधा भी हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित नहीं है। NCCIH थायरॉइड विकार वाले लोगों में इसके उपयोग की सलाह नहीं देता। यह थायरॉइड की दवाओं से प्रतिक्रिया कर सकती है। कोई नया हर्बल उत्पाद लेने से पहले डॉक्टर को बताएँ। निर्धारित दवा खुद से बंद करना या उसकी मात्रा बदलना नुकसानदेह हो सकता है।
निष्कर्ष
अगर आप के शरीर मे थायरॉइड के शुरुआती लक्षण आप को नजर आ रहें तो जाँच जरूर कराएँ। घर का संतुलित खाना, कब्ज से छुटकारा, पर्याप्त नींद और सामान्य शारीरिक गतिविधि आपको सेहतमंद बना सकते हैं। थायरॉइड को कंट्रोल करने का तरीका उसके कारण और जाँच के नतीजों के अनुसार तय होता है।
मेडिकल डिस्क्लेमर
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। यह व्यक्तिगत चिकित्सकीय सलाह, जाँच या उपचार का विकल्प नहीं है। थायराइड के लक्षण बने रहने पर योग्य डॉक्टर से परामर्श लें। गर्भवती महिलाएँ, बच्चे और पहले से थायराइड की दवा लेने वाले लोग कोई नया घरेलू उपाय या सप्लीमेंट शुरू करने से पहले चिकित्सकीय की सलाह जरूर ले।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. थायरॉइड के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
उत्तर: वजन का अचानक बढ़ना या तेजी से कम होना, हमेशा थकान महसूस होना, गले में सूजन, बाल झड़ना, ज्यादा ठंड या गर्मी लगना और मूड स्विंग्स (Mood Swings) होना थायरॉइड के प्रमुख शुरुआती लक्षण हैं।
Q2. थायरॉइड कितने प्रकार का होता है?
उत्तर: थायरॉइड मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है:
1. हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism): इसमें थायरॉइड हार्मोन कम बनता है और वजन बढ़ता है।
2. हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyroidism): इसमें थायरॉइड हार्मोन ज्यादा बनता है और वजन तेजी से घटने लगता है।
Q3. थायरॉइड में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?
उत्तर:
क्या खाएं: हरी पत्तेदार सब्जियां, नारियल पानी, फल, अलसी के बीज, आयोडीन युक्त भोजन और दालें।
क्या न खाएं: सोयाबीन (Soy products), बंदगोभी, फूलगोभी, प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा चीनी और मैदा से बनी चीजें।
Q4. क्या थायरॉइड पूरी तरह से ठीक हो सकता है?
उत्तर: सही डाइट, नियमित एक्सरसाइज, तनाव मुक्त जीवनशैली और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं के सही सेवन से थायरॉइड को पूरी तरह से कंट्रोल और मैनेज किया जा सकता है।
Q5. थायरॉइड में वजन तेजी से क्यों बढ़ता है?
उत्तर: हाइपोथायरायडिज्म में थायरॉइड ग्रंथि पर्याप्त हार्मोन नहीं बना पाती, जिससे शरीर का मेटाबॉलिज्म (Metabolism) धीमा हो जाता है। मेटाबॉलिज्म धीमा होने के कारण शरीर में कैलोरी तेजी से फैट के रूप में जमा होने लगती है।
Mast re bhava
थायरॉइड के शुरुआती लक्षण और घरेलू नुस्खे ये जानना बहोत जरुरी है अपने स्वास्थ का खयाल रखने के लिये ये जो नुस्के है ये बताते है कि आप अपना इलाज घरसें भी कर सकते है |
| अगर आपका स्वास्थ ठीक तॊ आप ठीक |
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